मुरली मनोहर एक बार फिर तेरी बंशी बजा दे

मुरली मनोहर एक बार फिर तेरी बंशी बजा दे
मेरी डूबती नैयाँ को तू फिर से पार लगा दे
सुनी है राहे है तेरे बिन मुझको एक बार गले लगा ले
है बाल गोपाल माखन तू फिर से चुरा ले
तेरी बंशी धुन पर सभी गोपियो को फिर से नचा दे
भटके हुए ग्वाले फिर से उनको राह दिखादे
बस तेरी ही धुन मे मगन होना है फिर से बंशी बजा दे
मुरली मनोहर फिर से तेरी बंशी बजा दे
भरी सभा मे द्रोपदि का चिर फिर से बढ़ा दे
अर्जुन सा निशस्त्र खड़ा हू गीता सार फिर से सुना दे
सुदामा सा आया हू तेरे द्वार पर मेरे मित्र कृष्ण से मिला दे
तेरे दर्शन को तरस गये नैन अब तो मेर भगवन् से मिला दे
मुरली मनोहर एक बार फिर तेरी बंशी बजा दे

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