उम्मीद की एक किरण

कई ख्वाहिशें अधूरी रह जाती है
कई जिंदगियां कम पड़ जाती है जीने के लिए
कभी अपनो के लिए तो कभी गैरो से लिए सारे सपने छूट जाते है
लेकिन अभी भी सब बैठे है एक उम्मीद लिए
कभी ज़िन्दगी में लड़ना पड़ता है कभी ज़िन्दगी से लड़ना पड़ता है
फिर भी खड़े है उम्मीद की एक किरन लिए
कभी लोग छूट जाते है कभी रास्ते भटक जाते है
फिर भी चलते रहते है मंजिल के लिए
न जाने किस मोड़ पर कोई दुश्मन बन जाये या कोई अपना बिगड़ जाए
करते रहते है कोशिश सबको मनाने के लिए
ढलते सूरज से निराश नही होते करते है जी तोड़ मेहनत एक नये सवेरे के लिए
खुद न खा सके फल तो क्या हुआ
बोयेंगे नए युग का बीज औरों के लिए
छोड़ गए सब कोई तो क्या अडिग अविचल है स्वतंत्र के लिए

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